पोर्टल में
बुकिंग, जाँचे गए गाड़ी और ड्राइवर के विवरण, और हर लोड की ट्रैकिंग।
Transkers का ग्राहक पोर्टल हमारे अपने बुकिंग और दस्तावेज़ सिस्टम Transkore पर चलता है। यह ग्राहकों के लिए चरणों में शुरू हो रहा है।
शुरुआती दौर में पोर्टल का एक्सेस निमंत्रण से मिलता है। डेस्क आपको लॉगिन लिंक भेजेगा; तब तक हर अपडेट WhatsApp पर मिलता है।
पोर्टल एक्सेस का अनुरोध करें →उसे डेस्क को भेजिए; हम गाड़ी का ताज़ा अपडेट और डिलीवरी का अनुमानित समय बताएँगे।
बुकिंग, जाँचे गए गाड़ी और ड्राइवर के विवरण, और हर लोड की ट्रैकिंग।
बिल्टी, ई-वे बिल, टैक्स इनवॉइस और POD, डाउनलोड के लिए तैयार।
ULIP, यानी यूनिफ़ाइड लॉजिस्टिक्स इंटरफ़ेस प्लेटफ़ॉर्म, जिसे भारत सरकार के लिए NLDSL चलाता है, देश के परिवहन और टैक्स सिस्टम को जोड़ता है। Transkore को इससे जोड़ा जा रहा है, ताकि लोडिंग से पहले गाड़ी, ड्राइवर और काग़ज़ात की जाँच हो सके और उसके बाद लोड पर नज़र रखी जा सके।
गाड़ी लगाने से पहले ट्रक नंबर से रजिस्ट्रेशन, फ़िटनेस, परमिट, बीमा और PUC की वैधता देखी जाती है।
आपके लोड के लिए तय ड्राइवर के ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता और श्रेणी की पुष्टि।
ई-वे बिल का नंबर, वैधता और गाड़ी नंबर का अपडेट, माल के ब्योरे से मिलाकर जाँचे जाते हैं; रास्ते में वैधता ख़त्म होने से पहले अलर्ट।
ट्रक जिस भी टोल प्लाज़ा से गुज़रता है, वह दर्ज होता है; इससे लंबे रूट पर ट्रक की आख़िरी पक्की लोकेशन और पहुँचने का अनुमानित समय मिलते हैं।
स्थिति: Transkore में चरणों में जोड़ा जा रहा है (रजिस्ट्रेशन, सैंडबॉक्स, प्रोडक्शन)। जब तक हर जाँच लाइव नहीं हो जाती, डेस्क दस्तावेज़ ख़ुद जाँचता है और WhatsApp पर अपडेट साझा करता है। FASTag और SIM से ट्रैकिंग आज भी चालू है।